उत्तर प्रदेश

मौलाना तौकीर रजा को बड़ा झटका: कोर्ट ने 14 दिन बढ़ाई न्यायिक हिरासत

उत्तर प्रदेश के बरेली में हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में बंद इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के संस्थापक मौलाना तौकीर रजा को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेशी के दौरान कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया। इसका मतलब है कि मौलाना तौकीर रजा अब 25 नवंबर तक फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में ही रहेंगे।

अदालत ने न केवल मौलाना की हिरासत बढ़ाई है, बल्कि उनके साथ हिंसा के अन्य 46 आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी आगे बढ़ाई गई है। फिलहाल मौलाना को जमानत की कोई राहत नहीं मिली है। उनके खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से ज्यादातर में जमानत खारिज हो चुकी है।

गौरतलब है कि मौलाना तौकीर रजा ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद के बाद भड़की बरेली हिंसा के मुख्य आरोपियों में से एक हैं। 26 सितंबर को इस मामले में शहर के इस्लामिया मैदान में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे, जबकि प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने जब प्रदर्शन रोकने की कोशिश की, तो भीड़ ने पथराव और गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस दौरान तेजाब फेंके जाने और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई थीं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मौलाना ने सोशल मीडिया और धार्मिक सभाओं के माध्यम से लोगों को इकट्ठा होने की अपील की थी, जिससे हिंसा भड़की। इसके बाद पुलिस ने मौलाना के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए। 27 सितंबर से वे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को उम्मीद है कि हिरासत बढ़ने से मामले की जांच और गहराई से की जा सकेगी। वहीं, तौकीर रजा के समर्थक लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल कोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद यह साफ है कि मौलाना तौकीर रजा को अभी जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा। प्रशासन ने बरेली और आस-पास के इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं ताकि किसी भी तरह की अशांति न फैल सके।

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