राजनीति

कांशीराम जयंती से पहले मायावती का सियासी हमला

कांग्रेस-सपा पर ‘अवसरवादी राजनीति’ का आरोप

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी

Mayawati, राष्ट्रीय अध्यक्ष Bahujan Samaj Party, ने कांशीराम जयंती से एक दिन पहले विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बहुजन आंदोलन के प्रेरणास्रोत Kanshi Ram को याद करना आज कई विरोधी दलों के लिए “अवसरवादी फैशन” बन गया है, जबकि उनके मिशन को जमीन पर लागू करने की वास्तविक प्रतिबद्धता कहीं दिखाई नहीं देती।

लखनऊ में जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि परमपूज्य B. R. Ambedkar द्वारा शुरू किए गए आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय के आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम कांशीराम ने किया। उन्होंने दलित, शोषित, पीड़ित और वंचित समाज को संगठित कर राजनीतिक शक्ति बनाने का रास्ता दिखाया।

मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल आज कांशीराम को श्रद्धांजलि देने की बात तो करते हैं, लेकिन उनके विचारों और मिशन के प्रति सच्ची नीयत से काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि अगर संविधान के समतामूलक और कल्याणकारी सिद्धांतों को सही तरीके से लागू किया गया होता तो बहुजन समाज को आज भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक असमानताओं का सामना नहीं करना पड़ता।

बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि जातिवादी सोच और संकीर्ण राजनीति का दौर अब भी जारी है। उनके अनुसार, आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे सामाजिक न्याय की व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को इतिहास से सबक लेना चाहिए और अपनी एकता तथा वोट की ताकत को किसी भी हाल में “वोट के सौदागरों” के हाथों में नहीं जाने देना चाहिए। मायावती ने इसे बाबा साहेब अम्बेडकर और कांशीराम के संघर्षों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि 15 मार्च को कांशीराम जयंती के अवसर पर देशभर में आयोजित बीएसपी के कार्यक्रमों को सफल बनाएं और बहुजन आंदोलन को मजबूत करने के लिए आगे आएं।

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