
कहा- यह जनविरोधी और गरीबों पर अन्यायपूर्ण बोझ
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित रेल किराया वृद्धि के फैसले को जनविरोधी करार देते हुए तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न सिर्फ संवेदनहीन है, बल्कि देश की वंचित और गरीब आबादी पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है।
मंगलवार को जारी बयान में मायावती ने कहा, “देश की अधिकांश जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में रेल किराया बढ़ाना एक ग़लत कदम है, जो वाणिज्यिक मानसिकता को दर्शाता है, न कि कल्याणकारी सोच को।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में लाखों लोग रेल से सफर केवल मजबूरी में करते हैं, यह उनके लिए कोई विलासिता नहीं बल्कि जीवन-निर्वाह का ज़रिया है।
बसपा सुप्रीमो ने केंद्र पर आरोप लगाया कि ‘राष्ट्र प्रथम’ जैसे नारों के पीछे आम लोगों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
मायावती का यह बयान रेलवे द्वारा 1 जुलाई 2025 से किराया संशोधन की घोषणा के बाद आया है। संशोधित ढांचे के अनुसार, 500 किमी से अधिक की यात्रा पर द्वितीय श्रेणी साधारण कोच के किराए में 0.5 पैसे/किमी की बढ़ोतरी होगी। इससे 501–1500 किमी तक की यात्रा पर 5 रुपये, 1501–2500 किमी पर 10 रुपये और 2501–3000 किमी तक के लिए 15 रुपये तक किराया बढ़ेगा।
मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में भी द्वितीय श्रेणी के किराए में 1 पैसा प्रति किमी और अन्य श्रेणियों में अनुपातिक वृद्धि की गई है। हालांकि उपनगरीय ट्रेनों, सीजन टिकट, सुपरफास्ट शुल्क और आरक्षण शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मायावती ने कहा कि इस तरह के फैसले देश के सामाजिक न्याय की भावना को कमजोर करते हैं। जब तक गरीबी और बेरोजगारी पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक ऐसे कदम आमजन पर केवल बोझ ही बनेंगे।


