लखनऊ में मीटर बदली बनी सिरदर्द, खुले तारों से हादसे का डर

लखनऊ। राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा चलाया जा रहा मीटर बदली अभियान अब आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। उपभोक्ताओं की मानें तो मीटर बदलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी लापरवाही बरतते हुए तारों को खुला छोड़ देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है | कई घरों और दफ्तरों में सीढ़ियों के पास लगे मीटर के चारों ओर खुले तारों के कारण बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बारिश के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
हालांकि बिजली विभाग का दावा है कि मीटर बदली के बाद सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, पर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
केस 1 – गोमतीनगर विस्तार, सुलभ आवास योजना सेक्टर-1:
यहां की निवासी अर्चना सिंह बताती हैं, “घर का मीटर बदला गया, लेकिन बिजली कर्मचारी तारों को खुला छोड़कर चले गए। अब हम अपने बच्चों को उन तारों से बचाने में परेशान हैं। अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
केस 2 – सरोजनीनगर, चंद्रावल:
रामसिंह बताते हैं कि हाई वोल्टेज की वजह से मीटर में खराबी आई, जिसे बदल तो दिया गया, लेकिन तारों को सीढ़ियों के नीचे खुला छोड़ दिया गया। “निजी मिस्त्री भी सलाह देते हैं कि विभागीय कर्मचारी से ही काम कराओ, वरना जिम्मेदारी कोई नहीं लेगा,” उन्होंने कहा।



