मिडिल ईस्ट संकट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर: वर्ल्ड बैंक ने दी चेतावनी
तेल, गैस और खाद की कीमतों में उछाल—उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर बढ़ा दबाव

वर्ल्ड बैंक तैयार: संकट से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर राहत पैकेज की तैयारी
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। World Bank Group ने बयान जारी कर चेतावनी दी है कि इस संकट के चलते उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर गंभीर दबाव बन रहा है।
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, कई देशों ने उनसे संपर्क कर बताया है कि बढ़ती अस्थिरता के कारण वस्तुओं की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। विशेष रूप से शिपिंग रूट में बाधाओं के चलते लागत में भारी वृद्धि हो रही है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, फरवरी से मार्च के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि एशिया के लिए एलएनजी की कीमतों में करीब दो-तिहाई का उछाल आया है। वहीं नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे कृषि क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
वर्ल्ड बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह प्रभावित देशों की मदद के लिए तेजी से कदम उठा रहा है। संस्था ने कहा कि वह तत्काल वित्तीय सहायता, नीतिगत सलाह और निजी क्षेत्र के सहयोग के माध्यम से देशों को इस संकट से उबारने के लिए तैयार है।
संस्था अपने विभिन्न वित्तीय उपकरणों और संकट प्रतिक्रिया तंत्र का उपयोग करते हुए सरकारों, कंपनियों और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने का प्रयास करेगी। साथ ही, निजी क्षेत्र को तरलता, व्यापार वित्त और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके गंभीर और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकते हैं।
वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित देशों के साथ सीधे संपर्क में है, ताकि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।



