उत्तर प्रदेश में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, लेकिन अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट का चुनाव घोषित न होने से विपक्ष हमलावर है। इस बीच, पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ ने मिल्कीपुर सीट से अपनी याचिका वापस लेने का ऐलान किया है। बाबा गोरखनाथ का कहना है कि वह चाहते हैं कि इस सीट पर जल्द से जल्द चुनाव हो, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया है। साथ ही उन्होंने चुनाव लड़ने का दावा भी ठोका है।
याचिका वापस लेने का कारण
बाबा गोरखनाथ ने बताया कि पिछले चुनाव के दौरान वोटों की गिनती में अनियमितता पाई गई थी, जिसके चलते उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके साथ ही एक अन्य मामला नोटरी से संबंधित था। हालांकि, अब उन्होंने इस याचिका को वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता था कि इस याचिका के चलते चुनाव रुक जाएगा। मैं चाहता हूं कि मिल्कीपुर में चुनाव हो, इसलिए याचिका वापस ले रहा हूं।”
विपक्ष के आरोपों पर जवाब
विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर, जिसमें कहा गया कि बाबा गोरखनाथ चुनाव हारने के डर से इसे टाल रहे थे, उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष भ्रम में है। उन्होंने कहा, “मैंने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। हमारे समर्थक प्रचार और सभाएं कर रहे हैं। चुनाव लड़कर मैं भगवा परचम फहराऊंगा।”
भाजपा से टिकट पर स्थिति स्पष्ट
जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा के बड़े नेताओं से उनकी बातचीत हुई है, तो उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं से चर्चा के बाद ही उन्होंने याचिका वापस लेने का फैसला किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोर्ट से आदेश आ जाएगा और वह खुद इसकी प्रति चुनाव आयोग को भेजेंगे, ताकि चुनाव की तारीख घोषित हो सके।
चुनाव लड़ने का दावा
बाबा गोरखनाथ ने साफ तौर पर कहा कि वह चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने बताया कि वह अवधेश प्रसाद के खिलाफ पहले भी तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें हराया भी है। उन्होंने कहा, “मैंने जमीन पर काफी काम किया है, इसलिए मेरा दावा बिल्कुल मजबूत है, लेकिन संगठन का निर्णय अंतिम होगा।”
मिल्कीपुर सीट पर भाजपा की मांग
भाजपा ने भी मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव कराने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला, अनूप गुप्ता और अन्य नेताओं ने बुधवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और मिल्कीपुर सीट पर भी उपचुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई स्थगन आदेश जारी नहीं किया है, इसलिए मिल्कीपुर का चुनाव भी बाकी नौ सीटों के साथ होना चाहिए।
भविष्य की रणनीति
बाबा गोरखनाथ ने मिल्कीपुर में बड़ी जीत का दावा किया और कहा कि फैजाबाद की हार का हिसाब मिल्कीपुर में बराबर करेंगे। उन्होंने कहा, “मिल्कीपुर में भाजपा पहले भी जीत चुकी है और इस बार भी हम यहां बड़ी जीत हासिल करेंगे।”
अब देखना यह होगा कि कोर्ट से आदेश आने के बाद मिल्कीपुर उपचुनाव की तारीख क्या तय होती है और बाबा गोरखनाथ का चुनावी सफर कैसा रहता है।