
जानिए तिथि, पुण्यकाल और क्या करें दान
मिथुन संक्रांति वह शुभ समय होता है जब सूर्य देव एक राशि से निकलकर अगली राशि में प्रवेश करते हैं। इस खगोलीय घटना को सूर्य का राशि परिवर्तन (Sun Transit 2025) भी कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यदि नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी समान फलदायी होता है।
मिथुन संक्रांति 2025 की तिथि और समय
तारीख: 15 जून 2025
सूर्य प्रवेश: मिथुन राशि में
पुण्यकाल: सुबह 6:53 बजे से दोपहर 2:19 बजे तक
महापुण्यकाल: सुबह 6:53 से सुबह 9:12 बजे तक
इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि (जो बुद्धि और वाणी के कारक बुध की राशि है) में प्रवेश करेंगे। वहीं सूर्य आत्मा, स्वास्थ्य और यश का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इस परिवर्तन से जीवन में ऊर्जा, उन्नति और रोगों से मुक्ति मिलने की संभावना बनती है।
मिथुन संक्रांति पर करें ये 3 शुभ कार्य:
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दान करें: ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, चप्पल, धन आदि दान करें। इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
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सूर्य पूजन करें: तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें, सूर्य मंत्रों (जैसे “ॐ घृणि: सूर्याय नमः”) का जाप करें। इससे कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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पशु-पक्षियों की सेवा करें: छत पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें, गाय, कुत्ते, कौए को भोजन दें। इससे पितरों को शांति और आशीर्वाद मिलता है।
श्रद्धा पूर्वक सूर्य की पूजा करने से पापों से मुक्ति, रोगों से राहत और उम्र में वृद्धि होती है। सूर्य की कृपा से जीवन में आत्मबल और सफलता दोनों प्राप्त होती है।



