उत्तर प्रदेशगोंडा

बाढ़ तैयारी के मद्देनजर मॉक ड्रिल का आयोजन

* माकड्रिल के दौरान पानी में डूब रहे व्यक्ति को एसडीआरएफ व मेडिकल टीम ने बाहर निकाल कर बचाई जान

* जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारी के संबंध में राहत एवं बचाव कार्यों की ली गई जानकारी

गोंडा। शासन के निर्देशों के मद्देनजर जनपद के तीन तहसीलों में बाढ़ पूर्व तैयारी के संबंध में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें तहसील तरबगंज के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ऐलीपरसौली के मजरा टेपराहन पुरवा में जिलाधिकारी गोंडा नेहा शर्मा की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ से पूर्व संभावित आपात स्थिति में प्रशासन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, एवं अन्य विभागों की तत्परता की जानकारी ली गई।

मॉकड्रिल के दौरान जिलाधिकारी ने खुद पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने नावों, जीवन रक्षक उपकरणों, मेडिकल टीम, पशु चिकित्सा दल, एवं राशन वितरण, पशु चारा, दवा छिड़काव आदि व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध रखें और राहत शिविरों की तैयारी पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाए। वहीं कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी व अधिकारीगणों ने मोटर बोट के द्वारा नदियों में जाकर जल स्तर की जानकारी ली।मॉकड्रिल कार्यक्रम के दौरान स्थानीय गांव का एक व्यक्ति किसी कार्य से नदी के किनारे गया था जो पानी में डूबने लगा, मौके पर उपस्थित एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत डूब रहे व्यक्ति को बाहर निकाला और समय से उसको मेडिकल उपचार के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से हास्पिटल भेज दिया। और वहां पर सही और समय से इलाज होने के कारण व्यक्ति को बचा लिया गया।

जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि बाढ़ के समय लोगों को समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, उन्हें भोजन, चिकित्सा और आवास की सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, जल विभाग एवं स्थानीय प्रशासन, एनसीसी के छात्र-छात्राएं एवं विभाग के अधिकारी व अन्य टीमों ने हिस्सा लिया। स्थानीय ग्रामीणों को भी मॉक ड्रिल के माध्यम से जागरूक किया गया कि आपदा के समय किस प्रकार सतर्कता बरतनी है और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना है।

जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति में संभावित प्रभावित गांवों की सूची, राहत सामग्री की उपलब्धता, नावों की स्थिति, और संपर्क मार्गों की जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रत्येक बाढ़ चौकी पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रश्मि वर्मा, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस क्षेत्र अधिकारी तरबगंज, तहसीलदार तरबगंज सत्यपाल सिंह, नायब तहसीलदार जयशंकर सिंह, संतोष कुमार यादव, एक्सईएएन बाढ़ खंड जय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव, संबंधित थाना प्रभारी, बीडीओ, एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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