जन भवन से गूंजा णमोकार मंत्र: विश्व शांति के लिए एकजुट हुआ मानव समाज
विज्ञान-आध्यात्म संतुलन से राष्ट्र निर्माण: राज्यपाल का प्रेरक संदेश

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
लखनऊ, 09 अप्रैल 2026। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा जन भवन में “विश्व णमोकार महामंत्र दिवस” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से सामूहिक मंत्र जाप के माध्यम से विश्व शांति, सद्भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया गया। इस वैश्विक आयोजन में 100 से अधिक देशों के लाखों श्रद्धालु एक साथ जुड़े, जिससे जन भवन से उठी यह आध्यात्मिक ध्वनि पूरे विश्व में गूंज उठी।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास के लिए विज्ञान और अध्यात्म का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “मानव बनना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है मानवीय बनना।” उन्होंने समाज में सेवा, करुणा और निःस्वार्थ भाव को अपनाने का आह्वान किया, जो सशक्त समाज निर्माण की आधारशिला है।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने विशिष्ट व्यक्तियों को सेवा सम्मान से सम्मानित भी किया। उन्होंने जैन समाज से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि शिक्षा, विशेषकर बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता रही है। साथ ही उन्होंने जल, अन्न और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े परिवर्तन की दिशा तय करते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सतीश महाना ने कहा कि सेवा कार्य निःस्वार्थ भाव से किया जाना चाहिए और समाज के प्रति कर्तव्य निभाना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने णमोकार मंत्र को विश्व शांति और मानव कल्याण का सार्वभौमिक संदेश बताते हुए कहा कि भारत की संस्कृति सदैव संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए समर्पित रही है।
इस अवसर पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र के साथ एकजुट होकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य, गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे।



