उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। SIR प्रक्रिया में ढिलाई बरतने वाले तीन बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बार-बार निर्देशों के बावजूद इन अधिकारियों ने न सिर्फ अपने काम में रुचि नहीं दिखाई, बल्कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बेहद उदासीनता दिखाई।
जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि इन तीनों बीएलओ ने SIR प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण डिजिटाइजेशन कार्य काफी पीछे रह गया। निर्वाचन विभाग का यह कहना है कि SIR अभियान बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी के आधार पर सही और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जाती है। लेकिन संबंधित बीएलओ की लापरवाही ने पूरे काम को प्रभावित किया है।
कौन-कौन से BLO पर एक्शन?
जिन तीन बीएलओ पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है, उनमें शामिल हैं—
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लेखा अरोड़ा, बीएलओ प्राथमिक विद्यालय करनिया (रिसिया)
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अजय वर्मा, बीएलओ प्राथमिक विद्यालय रमवापुर (रिसिया)
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ओमकार नाथ, बीएलओ ब्लॉक चित्तौरा
इन तीनों का SIR डिजिटाइजेशन कार्य एक प्रतिशत से भी कम पाया गया, जो कि निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार गंभीर चूक मानी जा रही है।
मामला एफआईआर तक पहुंचा
SIR अभियान में लापरवाही सिर्फ इन तीन बीएलओ तक सीमित नहीं रही। ग्राम रोजगार सेवक गोविंद लाल के खिलाफ थाना कैसरगंज में और विशेषनगंज क्षेत्र में एक अनुदेशक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। यह पहली बार नहीं है जब SIR प्रक्रिया में ढिलाई को लेकर अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन इस बार साफ संकेत हैं कि प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।
बीएसए को कार्रवाई के निर्देश
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मटेरा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को इन तीनों बीएलओ के खिलाफ कार्यवाही करने की संस्तुति भेजी है। निरीक्षण के दौरान कई बीएलओ अपने क्षेत्र से अनुपस्थित पाए गए, जिससे यह साबित हुआ कि वे मतदान पुनरीक्षण कार्य को प्राथमिकता नहीं दे रहे थे।
SIR की गति धीमी होने से जिले में मतदाता सूची अद्यतन करने का काम प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले दिनों में और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं





