उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां चित्रकूट दर्शन के झांसे में फंसाकर एक परिवार को मौत के मुंह में धकेलने की साजिश रची गई। कानपुर के गुजैनी निवासी सूरज यादव, उनकी पत्नी अमन यादव और बच्चों को पड़ोसी किरायेदार ने कार में ले जाकर हमला किया। इस हमले में अमन यादव की हत्या कर दी गई, जबकि सूरज यादव ने चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई।
घटना का विवरण:
सूरज यादव अपने परिवार के साथ कानपुर के गुजैनी इलाके में रहते हैं। उनके पड़ोसी त्रिभुवन उर्फ चाचा ने चित्रकूट दर्शन के लिए कार यात्रा का प्रस्ताव दिया। 21 सितंबर को सूरज, उनकी पत्नी अमन, बेटा रामजी (10) और बेटी परी (2.5) कार में त्रिभुवन और उसके साथी वीर सिंह के साथ निकले।
कार संजीव नाम का व्यक्ति चला रहा था। जालौन के जोल्हूपुर में त्रिभुवन ने एक अन्य व्यक्ति को कार में बैठाया, जिसे वह ‘फूफा’ कहकर बुला रहा था। जैसे ही कार हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र में पहुंची, त्रिभुवन और फूफा ने सूरज और उनकी पत्नी अमन का गला घोंटने की कोशिश की। सूरज ने साहस दिखाते हुए खिड़की पर पैर मारकर चलती कार से छलांग लगा दी और झाड़ियों में छिपकर जान बचाई।
महिला की हत्या और शव छिपाने की कोशिश:
हमलावरों ने अमन यादव को कार में बेल्ट से गला घोंटकर मार डाला। इसके बाद उन्होंने हथौड़ी से अमन के सिर और चेहरे को कुचल दिया और उसका शव राठ-उरई मार्ग पर एक पुलिया के नीचे छिपा दिया। हमलावरों ने ऊपर से झाड़ियां डालकर शव को छिपाने की कोशिश की।
बेटे की हत्या की कोशिश, बेटी को छोड़ा:
इसके बाद आरोपियों ने सूरज के बेटे रामजी का गला घोंटा और उसे मरा समझकर सड़क किनारे फेंक दिया। बेटी परी को जालौन जिले की सीमा पर छोड़कर वे भाग निकले।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
सूरज यादव ने रविवार सुबह जरिया थाने पहुंचकर चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। उधर, होश में आए रामजी ने एक मंदिर पहुंचकर पुजारी को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुजारी ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार को ट्रैक कर बरामद कर लिया और चालक संजीव और फूफा उर्फ कल्लू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अभी मुख्य आरोपी त्रिभुवन की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही घटना के पीछे का मकसद स्पष्ट हो सकेगा। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।