नई दिल्ली – बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बारे में उनकी सोशल मीडिया पोस्ट ने एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। कंगना के इस बयान को लेकर राजनीति में भी हलचल मच गई है, जहां कुछ बीजेपी नेताओं ने भी उनकी टिप्पणी की आलोचना की है।
कंगना रनौत का विवादित पोस्ट
कंगना ने 2 अक्टूबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “देश के पिता नहीं, देश के तो लाल होते हैं। धन्य हैं भारत के ये लाल,” जो महात्मा गांधी के राष्ट्रपिता के रूप में कद को चुनौती देने वाली प्रतीत हो रही थी। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए लिखा कि उन्होंने स्वच्छता अभियान के जरिए गांधीजी की विरासत को आगे बढ़ाया है।
लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि
कंगना ने लाल बहादुर शास्त्री की 120वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, लेकिन उनका यह पोस्ट गांधीजी के सम्मान को कमतर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी कंगना अपने विवादित बयानों और टिप्पणियों को लेकर आलोचना का सामना कर चुकी हैं, खासकर किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर उनकी टिप्पणियों ने उन्हें विवादों में डाल दिया था।
बीजेपी नेता ने की आलोचना
पंजाब के वरिष्ठ बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया ने कंगना की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “मैं गांधीजी की 155वीं जयंती पर कंगना रनौत द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं। राजनीति उनका क्षेत्र नहीं है। उन्हें बोलने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि उनकी टिप्पणियां पार्टी के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।”
राजनीति और विवादों का गहरा नाता
कंगना रनौत का राजनीतिक जीवन विवादों से घिरा रहा है। ‘इमरजेंसी’ फिल्म के कारण पहले से ही चर्चा में चल रही कंगना ने इस ताजा पोस्ट के जरिए एक और विवाद को जन्म दे दिया है। उनके बयानों पर पार्टी के भीतर से भी सवाल उठ रहे हैं, जो बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
कंगना के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लोगों ने इसे महात्मा गांधी के योगदान का अपमान बताया, जबकि कुछ ने उनके साहसिक बयानों का समर्थन किया। गांधीजी के कद पर सवाल उठाने वाली कंगना की यह टिप्पणी आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है।
कुल मिलाकर, कंगना रनौत का यह बयान एक बार फिर से उनके विवादित बयानों की सूची में जुड़ गया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस पर क्या राजनीतिक परिणाम होते हैं।