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दिल्ली विधानसभा में नया इतिहास: रेखा गुप्ता बनीं मुख्यमंत्री, आतिशी नेता प्रतिपक्ष

दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहली बार सत्ता पक्ष और विपक्ष में शीर्ष पदों पर दो महिलाएं विराजमान हुई हैं। इससे पहले केवल मुख्यमंत्री पद पर महिला रही थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष पर पहली बार महिला की नियुक्ति हुई है।

भाजपा ने पहली बार विधानसभा में पहुंची रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है, जबकि आम आदमी पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्त किया है। यह निर्णय दिल्ली की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।

दिल्ली विधानसभा में सत्ता और विपक्ष की प्रमुख महिलाएं

दिल्ली में वर्ष 1993 से 1998 तक भाजपा ने मदनलाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और चुनाव से कुछ माह पहले सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाया था। सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी थीं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के विधायक जगप्रवेश चंद्र थे।

वर्ष 1998 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री बनाया और वह वर्ष 2013 तक इस पद पर रहीं। इस दौरान विधानसभा के तीन कार्यकालों में वर्ष 1998 से 2008 तक भाजपा के प्रो. जगदीश मुखी नेता प्रतिपक्ष रहे और वर्ष 2008 से 2013 तक भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

आम आदमी पार्टी का उदय और बदलाव

वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, जिसमें अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। वह वर्ष 2024 के मध्य तक मुख्यमंत्री पद पर रहे। आम आदमी पार्टी के शासन के तीसरे कार्यकाल में आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया।

भाजपा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका

भाजपा ने वर्ष 2013 में डॉ. हर्षवर्धन को नेता प्रतिपक्ष बनाया। 2015 से 2020 तक यह जिम्मेदारी विजेंद्र गुप्ता को दी गई, जबकि वर्ष 2020 से 2024 तक रामवीर सिंह बिधूड़ी इस पद पर रहे। 2024 में उनके सांसद बनने के बाद विजेंद्र गुप्ता को पुनः नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

रेखा गुप्ता और आतिशी की नियुक्ति से दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहां दोनों प्रमुख पदों पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।

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