उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग का 14 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक दौरा

राष्ट्रीय सांख्यिकीय आयोग (National Statistical Commission NSC), जो देश की प्रमुख सांख्यिकीय गतिविधियों के समन्वयन हेतु शीर्ष एवं सशक्त निकाय है, दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय संवाद हेतु आगमन करेगा। आयोग का मुख्य उद्देश्य सांख्यिकी प्राथमिकताओं और मानकों का निर्माण, उनका अनुश्रवण एवं अनुपालन सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, आयोग राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मध्य सांख्यिकीय कार्यों में समन्वय स्थापित करने हेतु प्रभावी रणनीतियाँ विकसित करता है। संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में भी आयोग सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिससे देश में सांख्यिकीय प्रणाली की गुणवत्ता, विश्वसनीयता एवं उपयोगिता में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष, प्रो. राजीव लक्ष्मण करिदकर करेंगे। बैठक में आयोग के अन्य चार सदस्य- श्री असित कुमार साधू, प्रो. ए. गणेश कुमार, प्रो. देबासीस कुंदु तथा सदस्य सचिव डॉ. सौरभ गर्ग, आई.ए.एस., सचिव, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार, भी भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से श्री नरेन्द्र कुमार संतोषी (महानिदेशक, एनएडी), सुश्री गीता सिंह राठौर (महानिदेशक, एनएसएस) तथा सुश्री पूजा सिंह मण्टल (अपर सचिव, MoSPI) बैठक में उपस्थित रहेंगी। नीति आयोग से सुश्री अन्ना रॉय (प्रमुख आर्थिक सलाहकार) और भारतीय रिजर्व बैंक से डी. ए. आर. जोशी (अधिशासी निदेशक) एवं सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 19 सदस्य अधिकारीगण का प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में सहभागिता करेगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व करने हेतु डा. के.वी. राजू, आर्थिक सलाहकार, मा. मुख्यमंत्री जी एवं श्री अवनीश कुमार अवस्थी, सलाहकार, मा. मुख्यमंत्री जी भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में श्री आलोक कुमार, आई.ए. एस., प्रमुख सचिव, नियोजन, उत्तर प्रदेश, विकसित भारत 2047′ की परिकल्पना के अनुरूप श्विकसित उत्तर प्रदेश 2047श् के विजन श्संकल्प से समृद्धिश् के तहत प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का विवरण प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त राज्य में संचालित सांख्यिकीय गतिविधियों का अवलोकन, उनकी वर्तमान स्थिति एवं सांख्यिकी मंत्रालय (MOSPI) से अपेक्षित सहयोग से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही अर्थ एवं संख्या निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा किये जा रहे नव प्रयास एवं उत्कृष्ट पहलों जैसे निम्न प्रमुख विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जायेगा-
जिला घरेलू उत्पाद (DDP) के यथार्थपरक आंकलन एवं बॉटम अप दृष्टिकोण की दिशा
PLFS/ASUSE पायलट सर्वेक्षण की समीक्षा
महाकुंभ जैसे विशेष आयोजनों से प्राप्त आर्थिक मूल्यांकन
महिला आर्थिक सशक्तिकरण (WEE Index)
परिवार आईडी, सीएम डैशबोर्ड एवं शिकायत निवारण प्रणाली जैसी डिजिटल पहले
राज्य एवं केंद्र की सांख्यिकीय व्यवस्थाओं के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने, पद्धतिगत एकरूपता सुनिश्चित करने तथा आंकड़ों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोग इस बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ भी संवाद स्थापित करेगा।
उत्तर प्रदेश में आयोजित यह बैठक, राज्य एवं राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली के बीच सहयोग, समन्वय और ज्ञान-साझेदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।


