विश्व हिंदी दिवस पर SBI में कवि-सम्मेलन, काव्य की गूंज से सराबोर हुआ प्रधान कार्यालय
हास्य-व्यंग्य, ग़ज़ल और मुक्तकों ने बाँधा समां, साहित्यिक उत्सव में बदला बैंक परिसर

निश्चय टाइम्स डेस्क। “विश्व हिंदी दिवस” के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय, लखनऊ में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में एक भव्य कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक संध्या ने बैंक परिसर को काव्य, संवेदना और हास्य-व्यंग्य की रंगीन फुहारों से सराबोर कर दिया।
कवि-सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार दे, महाप्रबंधक अनिल कुमार, राजीव कुमार एवं कौशलेन्द्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य महाप्रबंधक ने आमंत्रित कवियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर भारतीय स्टेट बैंक परिवार के लिए समय निकालने और अपने उत्कृष्ट काव्य-पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने के लिए आभार व्यक्त किया।
नामचीन कवियों ने सजाई साहित्यिक महफ़िल
इस कवि-सम्मेलन में हास्य-व्यंग्य विधा के राष्ट्रीय स्तर के चर्चित कवि सर्वेश अस्थाना एवं डॉ. पंकज प्रसून, अपनी सशक्त मुक्तकों के लिए प्रसिद्ध सुखदेव पांडेय ‘सरल’, ‘रानी लक्ष्मीबाई सम्मान’ से अलंकृत प्रसिद्ध ग़ज़ल गायिका डॉ. मालविका हरिओम, तथा कानपुर के सुप्रसिद्ध कवि अंसार कम्बरी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
साहित्य और राजभाषा का सशक्त संदेश
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के उप महाप्रबंधक, सहायक महाप्रबंधक, बैंक स्टाफ सदस्य, साथ ही नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, लखनऊ से जुड़े सदस्य बैंकों एवं बीमा कंपनियों के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कवि-सम्मेलन ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम के समापन पर उप महाप्रबंधक एवं मंडल विकास अधिकारी धीरेन्द्र महे ने कवियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह विशिष्ट काव्य-संध्या लंबे समय तक श्रोताओं की स्मृतियों में जीवंत रहेगी। उन्होंने राजभाषा विभाग की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम का कुशल संचालन सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) दिवाकर मणि ने किया।



