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एक दिन में कोई संतत्व को उपल्बध नहीं हो सकता, उसके लिए वर्षों की साधना लगती है : बाबा रामदेव

देहरादून। योग गुरु बाबा रामदेव ने पूर्व फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर आपत्ति व्यक्त की है। इसके साथ ही महाकुंभ 2025 के नाम पर रील्स के जरिए फैलाई जा रही फूहड़ता पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि यह ठीक नहीं है।

साथ ही उन्होंने कहा है कि एक दिन में कोई संत नहीं बन सकता है। इसमें सालों की साधना की जरूरत होती है। साथ ही उन्होंने अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर भी प्रतिक्रिया दी है।

पत्रकारों से बात बात करते हुए बाबा रामदेव ने कहा, कि कुछ महामंडलेश्वर बन गए। किसी के भी नाम के आगे बाबा जोड़ देना। किसी भी प्रकार के ओछी हरकतों को, रील्स को कुंभ के नाम पर लोगों तक पहुंचाना ठीक नहीं है। जब सवाल किया गया है कि हाल ही में एक अभिनेत्री महामंडलेश्वर बनी हैं, तो इसपर बाबा रामदेव ने कहा, एक दिन में कोई संतत्व को उपल्बध नहीं हो सकता। उसके लिए वर्षों की साधना लगती है। …हम लोगों को इस साधुता को पाने में 50-50 वर्षों का तप लगा है। इसको संतत्व कहते हैं। साधु होना बड़ी बात है। महामंडलेश्वर होना तो बहुत बड़ा तत्व है। आजकल मैं देख रहा हूं कि किसी की भी मुंडी पकड़कर महामंडलेश्वर बना दिया। ऐसा नहीं होना चाहिए।

किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि उर्फ टीना मां ने को बताया कि ममता कुलकर्णी ने गंगा में डुबकी लगाई और गंगा के तट पर अपना पिंडदान किया। उनके मुताबिक, शाम करीब आठ बजे किन्नर अखाड़ा में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महामंडलेश्वर के रूप में उनका पट्टाभिषेक किया गया।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि, किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और अन्य किन्नर महामंडलेश्वरों की उपस्थिति में सबसे पहले पांच महामंडलेश्वरों- गिरनारी नंद गिरि, कृष्णानंद गिरि, राजेश्वरी नंद गिरि, विद्या नंद गिरि और नीलम नंद गिरि का पट्टाभिषेक किया गया।

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