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openAI : के सुचिर बालाजी की मौत, एलन मस्क ने जताई प्रतिक्रिया

सैन फ्रांसिस्को। भारतीय-अमेरिकी एआई शोधकर्ता और ओपनएआई के व्हिसलब्लोअर सुचिर बालाजी सैन फ्रांसिस्को स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए। 26 वर्षीय बालाजी, जिन्होंने ओपनएआई के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी, ने संभवतः आत्महत्या की है। सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं।
ओपनएआई में काम कर चुके थे बालाजी
बालाजी ने नवंबर 2020 से अगस्त 2024 तक ओपनएआई में काम किया था। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह चैटजीपीटी समेत कई जनरेटिव एआई प्रोजेक्ट्स से जुड़े थे। उन्होंने ओपनएआई पर पत्रकारों, लेखकों, और प्रोग्रामरों की कॉपीराइटेड सामग्री का अवैध उपयोग करने का आरोप लगाया था।
ओपनएआई पर आरोप और कानूनी विवाद
बालाजी ने कहा था कि ओपनएआई का बिजनेस मॉडल अस्थिर है और इंटरनेट के इकोसिस्टम के लिए हानिकारक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने चैटजीपीटी बनाने के लिए बिना अनुमति कॉपीराइट सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे कई व्यवसायों को नुकसान हुआ। उनके इन आरोपों के बाद ओपनएआई के खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज किए गए।
एलन मस्क की प्रतिक्रिया
ओपनएआई के सह-संस्थापक और अरबपति एलन मस्क ने बालाजी की मौत पर एक पोस्ट पर “हम्मम” कहते हुए प्रतिक्रिया दी। मस्क और ओपनएआई के मौजूदा सीईओ सैम ऑल्टमैन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। मस्क ने ओपनएआई पर एकाधिकारवादी दृष्टिकोण अपनाने का आरोप लगाया था और 2018 में ओपनएआई छोड़कर xAI की स्थापना की थी।
बालाजी का योगदान और सवाल उठाए गए मुद्दे
  • बालाजी ने डेढ़ साल तक चैटजीपीटी पर काम किया था।
  • उन्होंने कहा था कि जनरेटिव एआई तकनीकें इंटरनेट को नुकसान पहुंचा रही हैं।
  • उन्होंने ओपनएआई में “उचित उपयोग” की नीति को अविश्वसनीय बताया था।
मां का बयान और निजता की अपील
बालाजी की मां ने उनके निधन पर शोक जताते हुए निजता का अनुरोध किया है।
ओपनएआई और कॉपीराइट विवाद
सुचिर बालाजी के खुलासों ने लेखकों, प्रोग्रामरों, और पत्रकारों को ओपनएआई के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए प्रेरित किया। इनका कहना है कि कंपनी ने अवैध रूप से उनकी सामग्री का उपयोग करके अपने प्रोडक्ट्स को तैयार किया और अपनी वैल्यू 150 अरब डॉलर से अधिक तक बढ़ाई।
सुचिर बालाजी का निधन एआई इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है, वहीं उनके आरोपों ने ओपनएआई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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