यह विदाई बजट है” – सपा प्रमुख का तीखा प्रहार
Opposition Flags Spending Gaps, MSME Registration and Employment Concerns

निश्चय टाइम्स डेस्क। लखनऊ।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के 9.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे “विदाई बजट” करार देते हुए दावा किया कि अब भाजपा की विदाई तय है।
समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि बजट का आकार बढ़ना कोई असाधारण उपलब्धि नहीं है, क्योंकि हर वर्ष स्वाभाविक रूप से बजट बढ़ता है। असली सवाल यह है कि पिछले वर्षों में आवंटित धनराशि का पूरा और प्रभावी उपयोग क्यों नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 50 प्रतिशत से अधिक बजट भी सही तरीके से खर्च नहीं कर सकी, जो प्रशासनिक अक्षमता का संकेत है।
सपा प्रमुख ने तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि उत्तर प्रदेश को इस स्तर तक पहुंचाना है तो राज्य की जीएसडीपी लगभग 90 लाख करोड़ रुपये के आसपास होनी चाहिए, जबकि मौजूदा आंकड़े और दावे इस लक्ष्य से काफी दूर नजर आते हैं। उन्होंने इसे “दावों और जमीनी सच्चाई के बीच बड़ा अंतर” बताया।
एमएसएमई क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में करीब 92 लाख इकाइयां हैं, जिनमें से लगभग 82 लाख अब तक पंजीकृत नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया कि एक दशक में इतनी बड़ी संख्या में इकाइयों का पंजीकरण क्यों नहीं हो सका। उनका आरोप था कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और नीतिगत बदलावों का सीधा असर छोटे उद्योगों और किसानों पर पड़ेगा, लेकिन बजट में इनके संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए ठोस रणनीति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के बजट खर्च पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक कृषि विभाग में लगभग 57 प्रतिशत, स्वास्थ्य में 58 प्रतिशत और बेसिक शिक्षा में करीब 62 प्रतिशत बजट ही खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि जब पूर्व आवंटन का पूर्ण उपयोग नहीं हुआ तो नए और बड़े बजट की घोषणाएं जनता के लिए कितनी कारगर होंगी, यह बड़ा प्रश्न है।
अखिलेश यादव ने युवाओं के रोजगार, निवेश के दावों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि वे बजट के आंकड़ों और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच के अंतर को समझें और तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।



