बिज़नेस

7.28 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकृत 

सरकार लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है

7.28 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकृत हैं

विभिन्न संगठनों को 50 एपीआई के साथ एकीकृत किया गया हैं

कार्यक्रमों के डिजिटलीकरण और एकल विंडो मंजूरी से व्यापार में सुगमता को बढ़ावा मिला है

उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर 2.86 करोड़ महिला नेतृत्व वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम पंजीकृत हैं

निश्चय टाइम्स डेस्क। सरकार ने 1 जुलाई 2020 को ऑनलाइन उद्यम पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत की थी। इस पोर्टल पर अब तक 72.8 करोड़ से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पंजीकृत हैं और औपचारिक ऋण और सरकारी खरीद के अवसरों सहित सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे है। इसके अलावा, विभिन्न संगठनों और निकायों के साथ 50 से अधिक एपीआई एकीकृत किए गए हैं। पोर्टल के माध्यम से एकत्र आंकड़ो का उपयोग नीति निर्माण और प्रभावशीलता में सुधार के लिए किया जा रहा है। यें बातें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

सरकार लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के हितधारकों की क्षेत्रीय विकास में आने वाली बाधाओं और समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इनमें सेवाओं/कार्यक्रमों का डिजिटलीकरण, एकल विंडो को मंजूरी और व्यापार में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस) के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। डिजिटलीकरण, वित्तपोषण और स्थिरता के लिए लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की पहलों में एमएसएमई संबंध, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम – परिवर्तन के लिए हरित निवेश और वित्तपोषण योजना (एमएसई-गिफ्ट योजना), प्रोत्साहन और निवेश के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्यम योजना (एमएसई-स्पाइस योजना), लघु एवं लघु उद्यम सतत जेडईडी प्रमाणन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), एमएसएमई समाधान, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम – क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी) आदि शामिल हैं। उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर 30.11.2025 तक कुल 2.86 करोड़ महिला नेतृत्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यम विभिन्न लाभों के लिए पंजीकृत हैं। मंत्रालय की यह पहलें सामूहिक रूप से ऋण अंतराल और कौशल की कमी को दूर करते हैं, जिससे सूक्ष्म एवं महिला नेतृत्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों को वित्त, बाजार और प्रौद्योगिकी तक पहुंच तथा प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में मदद मिलती है।

 

 

 

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