पहलगाम आतंकी हमला: सरकार अलर्ट पर, पीएम मोदी दौरा छोड़ लौटे

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी गई। आतंकी संगठन टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट), जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह पिछले 25 वर्षों में पर्यटकों पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। हमले के बाद सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा मंत्रालय में आपात बैठक हुई, जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल थे। सेना, वायुसेना और नौसेना को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को अत्यंत गंभीरता से लिया और सऊदी अरब का अपना आधिकारिक दौरा बीच में छोड़ कर बुधवार सुबह ही भारत लौट आए। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। बुधवार शाम को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) की एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति और जवाबी कार्रवाई पर चर्चा होगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी मंगलवार रात को ही श्रीनगर रवाना होकर मौके का जायज़ा लिया। बुधवार सुबह उन्होंने पहलगाम पहुंचकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने सुरक्षाबलों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे नरसंहार बताया और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। राहुल गांधी ने अमित शाह, उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से बात कर हालात की जानकारी ली और कहा कि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।
देश इस हमले से शोक और आक्रोश में है, और अब पूरी निगाहें सरकार की कार्रवाई और जवाबी कदमों पर टिकी हैं।



