Parliament Scuffle: केंद्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने संसद में हुई झड़प को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सीआईएसएफ के उप महानिरीक्षक (अभियान) श्रीकांत किशोर ने कहा है कि उनकी ओर से कोई चूक नहीं हुई और किसी भी सांसद को हथियार लाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
घटनाक्रम
श्रीकांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सीआईएसएफ ने संसद भवन में सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए थे। किसी भी सांसद को हथियार लाने की अनुमति नहीं दी गई थी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीआईएसएफ इस घटना की जांच नहीं कर रहा है।
झड़प की वजह और प्रतिक्रिया
पिछले हफ्ते संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत विपक्षी सांसदों के साथ झड़प में घायल हो गए थे। इस झड़प में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए थे। विपक्षी सांसदों पर धक्का-मुक्की का आरोप लगने पर सीआईएसएफ ने कहा कि जब संसद में सदस्य आरोप लगाते हैं, तो सुरक्षा बल निष्पक्ष रहता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और एफआईआर
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि राहुल गांधी ने झड़प के दौरान भड़काऊ बयान दिए थे। भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि उनकी टीम ने संसद भवन में सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और किसी प्रकार का सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ। सीआईएसएफ ने संसद की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए थे।
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