बाबा सिद्दीकी और जीशान की हत्या के बाद शूटरों को नेपाल में सुरक्षित ठिकाना देने की योजना

पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे जीशान की हत्या के बाद, लारेंस बिश्नोई गैंग ने तीनों शूटरों के लिए नेपाल में शमशेरगंज नामक सुरक्षित ठिकाना बनाया था। योजना के तहत, हत्या के बाद शूटरों को इस ठिकाने पर छिपने और 10 लाख रुपये की सुपारी रकम मिलने की बात कही गई थी। यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में रविवार को नानपारा इलाके से शिव कुमार गौतम उर्फ शिवा और चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शूटर शिवकुमार गौतम और उनके साथी हत्या के बाद फरार हो गए थे। उनकी नेपाल की योजना उज्जैन के महाकाल मंदिर और जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर होते हुए शमशेरगंज पहुंचने की थी, जहां लारेंस गैंग के सदस्य उनसे मिलने वाले थे। मुंबई पुलिस के अनुरोध पर यूपी एसटीएफ ने शिवकुमार और उनके साथियों के परिजनों और दोस्तों पर नजर रखी, जिससे इनकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
घटना के विवरण:
मुख्य शूटर शिवकुमार ने पूछताछ में बताया कि उन्हें हत्या के लिए ऑस्ट्रेलिया निर्मित ग्लॉक पिस्टल दिया गया था। बाबा सिद्दीकी पर इस पिस्टल से छह गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां सटीक लगीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोलियों के लगने की पुष्टि हुई है। लारेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने शिवकुमार से कहा था कि इस हत्या से गैंग की प्रसिद्धि बढ़ेगी और मुंबई में उनकी वसूली का प्रभाव भी बढ़ेगा।
पकड़ में आए आरोपी:
गिरफ्तार आरोपियों में शिवकुमार, धर्मराज कश्यप, अनुराग कश्यप, ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव और अखिलेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। इनमें से कुछ पर पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज है। गिरफ्तारी से पहले, शिवकुमार इंस्टाग्राम और दूसरे माध्यमों से अपने साथियों के संपर्क में था।



