भारत की संस्कृति को मिटाने के लिए क्रूर कोशिश की गई PM मोदी

आरएसएस संस्थापकों को पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि दी
Nishchay Times लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर दौरे के दौरान ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला रखी। यह सेंटर माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र का विस्तार है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह प्रीमियम सेंटर नेत्र उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर में 250 बिस्तर वाला अस्पताल होगा, जिसमें 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 ‘मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर’ बनाए जाएंगे। इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और विश्वस्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सेंटर नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता का प्रतीक होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने हेडगेवार स्मृति मंदिर में पुष्पांजलि अर्पित की और मंदिर में एक नोट भी लिखा। हिंदी में लिखे अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं पूज्य डॉ. हेडगेवार जी और आदरणीय गुरुजी को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनकी यादों को संजोए इस स्मारक मंदिर में आकर मैं अभिभूत महसूस कर रहा हूं।”
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, “भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और संगठन के मूल्यों को समर्पित यह पवित्र स्थान हमें राष्ट्र की सेवा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस स्थान से जुड़े सभी महानुभावों का समर्पण और कड़ी मेहनत राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध लाखों स्वयंसेवकों के लिए ऊर्जा का स्रोत है। हमारे प्रयासों से भारत माता की महिमा चमकती रहे।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागपुर स्थित दीक्षाभूमि का दौरा कर डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। दीक्षाभूमि वही स्थान है जहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म ग्रहण किया था। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मोदी के नागपुर दौरे और माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखने से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम खुलेंगे। इससे न केवल नागपुर बल्कि पूरे महाराष्ट्र में नेत्र चिकित्सा की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार होगा।


