बिहार में राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके रहते भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में सरकार नहीं बना सकती। लालू के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है।
लालू प्रसाद यादव ने कहा, “बिहार की जनता भाजपा को पहचान चुकी है। वैसे भी मेरे रहते भाजपा सरकार बनाने की कोई संभावना नहीं है।” यह बयान तब आया जब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार को झटका लगने के बाद पत्रकारों ने उनसे बिहार विधानसभा चुनाव पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल किया।
लालू प्रसाद के इस बयान पर भाजपा ने जोरदार पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह ने लालू यादव को ‘धृतराष्ट्र’ और उनके बेटे तेजस्वी यादव को ‘दुर्योधन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि “लालू प्रसाद अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए व्याकुल हैं, लेकिन यह सपना पूरा नहीं होगा। बिहार की जनता अब विकास चाहती है, भ्रष्टाचार नहीं।”
भाजपा ने लालू प्रसाद यादव को घोटालों का सम्राट बताते हुए कहा कि उन्होंने झारखंड की जेलों में भी समय बिताया है। पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि लालू प्रसाद 1990 में भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन अब उनका राजनीतिक भविष्य खत्म हो चुका है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले यह बयानबाजी साफ संकेत देती है कि राजनीतिक माहौल गरमाने वाला है।