क्राइमराष्ट्रीय

पत्रकार हत्याकांड पर छत्तीसगढ़ में राजनीति: बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप तेज

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। जहां इस मामले में पुलिस कार्रवाई जारी है, वहीं बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच पोस्टरवार
बीजेपी ने मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को कांग्रेस का करीबी बताया, जबकि कांग्रेस ने सुरेश के बीजेपी में प्रवेश की बात कहकर पलटवार किया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सुरेश हाल ही में सीएम हाउस गया था और बीजेपी इसका रिकॉर्ड सार्वजनिक करे।
वहीं, बीजेपी ने सुरेश को कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश सचिव बताया और कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने सुरेश की कांग्रेस नेताओं के साथ तस्वीरें साझा कर इसे कांग्रेस की विफलता करार दिया।
प्रियंका गांधी और विपक्ष का बयान
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने भ्रष्टाचार का खुलासा किया था, जिसके चलते उनकी हत्या हुई। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की बात कही।
गृह मंत्रालय और पुलिस की कार्रवाई
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर की संपत्ति की जांच की जा रही है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और सुरेश के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, और चार हफ्ते में स्पीड ट्रायल के तहत चालान पेश किया जाएगा।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
कांग्रेस ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने हाल के दिनों में राजधानी रायपुर और अन्य जिलों में बढ़ती हत्याओं और अपराधों पर सरकार को घेरा।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने कांग्रेस पर अपराधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस के नेताओं का अपराध में सीधा हाथ है। उन्होंने बलौदाबाजार और सुरजपुर की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस अपराधियों की पार्टी बन चुकी है।
जनता के बीच असमंजस
इस घटना को लेकर जनता के बीच निराशा और गुस्सा है। मुकेश चंद्राकर की हत्या ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related Articles

Back to top button