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पहले 1000 दिन सबसे अहम: बेहतर पोषण से मजबूत होगा ‘विकसित भारत’ का सपना

पोषण पखवाड़ा 2026 का आगाज़: बच्चों के दिमागी विकास पर राष्ट्रीय फोकस

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)

। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पोषण पखवाड़ा 2026 के 8वें संस्करण का भव्य शुभारंभ करते हुए देशभर में एक बड़े जन आंदोलन को और मजबूती दी है। इस बार का मुख्य विषय “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” रखा गया है, जो बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने इस मौके पर कहा कि बच्चों के जीवन के पहले 1000 दिन उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य को सशक्त बनाने के लिए हर बच्चे तक सही पोषण पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2018 में शुरू हुए पोषण अभियान के बाद से देशभर में 150 करोड़ से अधिक जागरूकता गतिविधियां और 9.8 करोड़ से ज्यादा सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वर्तमान में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 8.9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

इस अभियान के तहत मातृ एवं शिशु पोषण, स्तनपान को बढ़ावा, पूरक आहार, खेल-आधारित शिक्षा और स्क्रीन टाइम कम करने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर जागरूकता फैला रही हैं और पोषण मेले, संवाद कार्यक्रम व सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

पोषण पखवाड़ा न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है, जो देश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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