वाराणसी

राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए चार सदस्यों को नामित किया

कानून, कूटनीति, इतिहास और समाज सेवा क्षेत्रों से चुनी गईं प्रमुख हस्तियाँ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित किया है। इन नामों में कानून, कूटनीति, इतिहास और सामाजिक सेवा क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को शामिल किया गया है।

नामांकित सदस्यों में शामिल हैं:

1. उज्जवल देवड़ा निकम
देश के विख्यात सार्वजनिक अभियोजक उज्जवल निकम ने कई चर्चित आपराधिक मामलों में सरकार का पक्ष सफलतापूर्वक रखा है। उनके कानूनी अनुभव और विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए उन्हें उच्च सदन में आमंत्रित किया गया है, जिससे कानून से जुड़े मुद्दों पर गहन विमर्श में योगदान की अपेक्षा की जा रही है।

2. सी. सदानंदन मास्टर
केरल के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सी. सदानंदन मास्टर ने शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक समय तक समर्पित कार्य किया है। वे विशेष रूप से वंचित वर्गों के उत्थान और ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों के लिए जाने जाते हैं।

3. हर्षवर्धन श्रृंगला
भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला एक अनुभवी कूटनीतिज्ञ हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रभावी प्रतिनिधित्व किया है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति से विदेश नीति से जुड़े विषयों पर बेहतर रणनीतिक चर्चा की संभावना बढ़ेगी।

4. मीनाक्षी जैन
प्रतिष्ठित इतिहासकार और शिक्षाविद डॉ. मीनाक्षी जैन भारतीय इतिहास और संस्कृति के गहन अध्ययन के लिए जानी जाती हैं। उनके शोध और लेखन ने अकादमिक जगत में उल्लेखनीय स्थान बनाया है। उनका नामांकन सदन में बौद्धिक विमर्श और शैक्षिक दृष्टिकोण को मजबूती देगा।

इन नामांकनों को विशेषज्ञता आधारित प्रतिनिधित्व की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे राज्यसभा में बहुआयामी दृष्टिकोण और विचारों का समावेश होगा।

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