world tb day 2025 : उत्तर प्रदेश में टीबी के मामलों और मृत्यु दर में गिरावट को लेकर सकारात्मक समाचार सामने आए हैं। प्रदेश में अब तक 1300 से अधिक ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं, जो राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। टीबी नियंत्रण में बेहतर नीतियों और जागरूकता अभियानों ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। यूपी में टीबी के नए मामलों और मृत्यु दर में कमी आई है, जो कि राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के सफल कार्यान्वयन का प्रमाण है। सरकारी विभागों और स्वास्थ्य संगठनों द्वारा टीबी रोगियों की पहचान, उपचार और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के मामलों को कम करने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है, जिनमें स्क्रीनिंग, उपचार और मरीजों को जागरूक करना प्रमुख है। पिछले कुछ सालों में टीबी के इलाज में सुधार हुआ है, और अब इसे एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि चिकित्सा में सुधार के बावजूद, टीबी के मामलों में गिरावट की गति धीमी है, और इसके लिए व्यापक जन जागरूकता की जरूरत है। सरकार ने टीबी के इलाज के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों तक राहत पहुंचाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब तक ग्रामीण इलाकों में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या नहीं बढ़ेगी, तब तक इस लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावी तरीके से काम करने की जरूरत है, साथ ही स्थानीय समुदायों को भी इस दिशा में प्रेरित करना आवश्यक है।