“पुतिन भारत दौरे पर”

निश्चय टाइम्स, डेस्क। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत के दौरे पर आ रहे हैं। यह हाई-प्रोफाइल यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच करीब 25 अहम समझौतों पर साइन होने की उम्मीद है। अंतरिक्ष, रक्षा, ऊर्जा और व्यापार—इन सभी क्षेत्रों में रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है। दुनिया की नज़रें इस विज़िट पर टिकी हुई हैं। पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात से अमेरिका, चीन और ब्रिटेन की बेचैनी बढ़ती दिख रही है और यह स्पष्ट है कि यह समिट वैश्विक भू-राजनीति में बड़ा असर छोड़ेगी। यूक्रेन संकट के बीच रूस को भारत जैसी स्थिर साझेदारी की ज़रूरत है, जबकि भारत रक्षा और ऊर्जा में रूस के साथ अपने हितों को सुरक्षित करना चाहता है।
पुतिन के दो दिवसीय कार्यक्रम की खास बातें:
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4 दिसंबर शाम: दिल्ली आगमन के बाद पीएम मोदी के साथ 7, लोक कल्याण मार्ग पर प्राइवेट डिनर।
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5 दिसंबर सुबह: राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर और राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि।
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दोपहर: हैदराबाद हाउस में 23वें भारत-रूस समिट के तहत उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ताएँ और संयुक्त बयान।
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शाम: फिक्की के भारत मंडपम में बिज़नेस लीडर्स से मुलाकात और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्टेट बैनक्वेट।
इस दौरे में रक्षा और ऊर्जा सहयोग को नई ऊँचाइयाँ मिलने के अलावा, रूस का अंतरराष्ट्रीय बाघ संरक्षण गठबंधन में शामिल होना भी पर्यावरण क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी। कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत-रूस साझेदारी को और अधिक ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड’ स्तर पर पहुंचाने वाली है, जो बदलते वैश्विक माहौल में दोनों देशों के लिए रणनीतिक वरदान साबित होगी।

