राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कसा तंज, सरकार पर बेरोजगारी और चीन के मसले पर हमला

सोमवार को संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी भाग लिया। उन्होंने सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था। गांधी ने कहा, “राष्ट्रपति के अभिभाषण में वही बातें थीं जो हम पहले भी सुन चुके हैं। यह वही पुरानी सूची थी और इस सरकार ने शायद ही 50-100 काम किए हों।”
राहुल गांधी ने बेरोजगारी पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हम बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं, और न तो यूपीए सरकार और न ही एनडीए सरकार ने इस समस्या का समाधान किया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम पर राहुल गांधी ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास था, लेकिन इसके परिणाम निराशाजनक रहे। उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट आई है, जो अब जीडीपी के 12.6% पर आ गया है, जो पिछले 60 सालों में सबसे कम है।
चीन के मसले पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा और कहा कि चीन ने हमारी ज़मीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री चीन से मिलकर बैठते रहे और हमारे क्षेत्र पर कब्जा करने का सिलसिला जारी रहा।
अमेरिका से भारत के रिश्तों पर भी राहुल गांधी ने टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका को मिलकर काम करना चाहिए ताकि दोनों देशों को फायदा हो सके।
राहुल गांधी ने अंत में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी हमला किया और संविधान के महत्व को रेखांकित किया।



