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केवाईसी लापरवाही पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर RBI का शिकंजा

वित्तीय समावेशन योजनाओं में भी चूक, बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क

देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल Central Bank of India पर Reserve Bank of India (RBI) ने गंभीर अनियमितताओं के चलते ₹63.60 लाख का मौद्रिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा ‘Know Your Customer (KYC)’ और ‘Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA)’ से जुड़े नियमों के उल्लंघन के कारण की गई है, जिससे बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

RBI की निरीक्षण रिपोर्ट (ISE 2025), जो 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर तैयार की गई थी, में बैंक की कई कमियां उजागर हुईं। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि बैंक समयसीमा के भीतर ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड को Central KYC Records Registry में अपलोड करने में विफल रहा। यह चूक न केवल नियामकीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संभावित वित्तीय जोखिमों को भी बढ़ाती है।

इसके अलावा, बैंक द्वारा उन ग्राहकों के लिए भी अतिरिक्त BSBDA खाते खोले गए, जिनके पास पहले से ही ऐसे खाते मौजूद थे। यह वित्तीय समावेशन योजनाओं के उद्देश्य के विपरीत है और सिस्टम में पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है।

हालांकि RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन में कमी के आधार पर की गई है और इससे बैंक व ग्राहकों के बीच हुए किसी लेन-देन की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। फिर भी, यह मामला बैंकिंग क्षेत्र में निगरानी और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही न केवल बैंक की साख को प्रभावित करती है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे को भी कमजोर करती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बैंक अपनी आंतरिक निगरानी प्रणाली को मजबूत कर पाएगा या फिर भविष्य में भी ऐसी चूक दोहराई जाएंगी।

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