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RBI की सख्ती, मणप्पुरम फाइनेंस पर जुर्माना

KMP के वेतन नियमों का उल्लंघन उजागर

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी

देश की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी Manappuram Finance Limited एक बार फिर नियामकीय नियमों की अनदेखी को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। Reserve Bank of India (RBI) ने कंपनी पर ₹2.70 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई आरबीआई के उन निर्देशों के उल्लंघन के कारण की गई है जो Key Managerial Personnel (KMP) के वेतन और विशेष रूप से वेरिएबल पे के स्थगन (Deferral) से जुड़े हैं।

आरबीआई के अनुसार, कंपनी ने अपने कुछ प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारियों को वेरिएबल वेतन का पूरा भुगतान एकमुश्त कर दिया, जबकि नियमानुसार इसका एक हिस्सा निर्धारित अवधि तक स्थगित रखा जाना चाहिए था। नियामक का मानना है कि यह स्पष्ट रूप से जारी दिशानिर्देशों की अवहेलना है और वित्तीय संस्थानों में पारदर्शिता व जवाबदेही के सिद्धांतों के खिलाफ है।

यह मामला तब सामने आया जब आरबीआई ने कंपनी की वित्तीय स्थिति की 31 मार्च 2025 की स्थिति के आधार पर वैधानिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाए गए तथ्यों के बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें पूछा गया कि नियमों का पालन न करने पर उस पर कार्रवाई क्यों न की जाए।

हालांकि कंपनी ने नोटिस का जवाब दिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अपनी दलीलें भी पेश कीं, लेकिन आरबीआई जांच में यह स्पष्ट हो गया कि आरोप सही हैं। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने Reserve Bank of India Act, 1934 के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाने का फैसला लिया।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन में कमी के कारण की गई है और इसका उद्देश्य कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी लेनदेन की वैधता पर टिप्पणी करना नहीं है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में कंपनी के खिलाफ अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।

वित्तीय क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह मामला एनबीएफसी सेक्टर के लिए चेतावनी है कि नियामकीय निर्देशों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है।

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