आबकारी विभाग का ऐतिहासिक कारनामा, ₹57,722 करोड़ के रिकॉर्ड राजस्व से नया मुकाम

मंत्री नितिन अग्रवाल की अगुवाई में डिजिटल सख्ती, अवैध शराब पर बड़ा वार
निश्चट टाइम्स न्यूज डेस्क
। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि विभाग ने ₹57,722.26 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित कर नया इतिहास रच दिया है। यह अब तक का सर्वाधिक वार्षिक राजस्व है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹52,573.07 करोड़ की तुलना में ₹5,149.19 करोड़ यानी 9.79 प्रतिशत अधिक है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि पारदर्शी नीतियों, सुदृढ़ निगरानी और डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विभाग ने राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध शराब के कारोबार पर भी कड़ा प्रहार किया है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया, जिसके तहत कुल 1,09,077 अभियोग दर्ज किए गए। इस दौरान 28.08 लाख लीटर अवैध शराब एवं मादक पदार्थ बरामद किए गए। अभियान के दौरान 19,935 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 3,721 को जेल भेजा गया। साथ ही 143 वाहनों को जब्त किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मार्च 2026 में ही 9,879 मामलों में कार्रवाई करते हुए 2.80 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई, जो विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।
डिजिटल सुधारों पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि Integrated Excise Supply Chain Management System (IESCMS) लागू कर दिया गया है, जिससे लाइसेंसिंग, परमिट, आपूर्ति और ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। QR कोड आधारित Excise Adhesive Label (EAL) प्रणाली से प्रत्येक शराब की बोतल की निगरानी संभव हो गई है। इससे नकली और अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और राजस्व हानि पर भी अंकुश लगा है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में मदिरा एवं बीयर की फुटकर दुकानों का नवीनीकरण और आवंटन ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी ढंग से किया गया है। पहले चरण में 25,613 दुकानों का नवीनीकरण किया गया, जबकि 811 दुकानों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया गया है। शेष दुकानों की प्रक्रिया भी जारी है।
निवेश और रोजगार के क्षेत्र में भी आबकारी विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। मंत्री ने बताया कि विभिन्न निवेशकों के साथ 153 एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं, जिनके तहत ₹40,106 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 49,368 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त बिना एमओयू के भी ₹2,752 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में आबकारी विभाग महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विभाग न केवल राजस्व वृद्धि सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभाग इसी तरह सख्ती और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए राजस्व वृद्धि और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखेगा।



