दिल्ली

दौसा के दीपक की दुखद कहानी: UPSC की तैयारी करने गया बेटा कभी वापस नहीं लौटा

दौसा, राजस्थान: कलेक्टर बनने का सपना लेकर दिल्ली में UPSC की तैयारी करने गए दौसा जिले के महुवा तहसील के दीपक मीना की जीवन यात्रा एक दर्दनाक मोड़ पर समाप्त हो गई। 20 सितंबर को दीपक का शव जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला, जिससे पूरे गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
 कोचिंग के सपने और आखिरी मुलाकात
दीपक मीना, जो UPSC मेंस की तैयारी के लिए दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था, 11 सितंबर को अचानक लापता हो गया। उसके पिता चांदूलाल मीना लगातार उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन दीपक ने फोन नहीं उठाया। 13 सितंबर को जब दीपक का फोन स्विच ऑफ मिला, तब उनके पिता चिंतित होकर दिल्ली पहुंचे। वहाँ पता चला कि दीपक 11 सितंबर की सुबह से ही अपने कमरे पर नहीं आया था।
 पिता का आरोप: “हत्या कर आत्महत्या का रूप दिया गया”
20 सितंबर को जंगल में दीपक का शव क्षत-विक्षत हालत में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। दीपक के पिता का आरोप है कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता, बल्कि उसकी हत्या कर मामले को सुसाइड का रूप देने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि दीपक ने कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था, और अगर उसे किसी समस्या का सामना करना पड़ता, तो वह परिवार को जरूर बताता।
 सपनों का अंत और परिवार की पीड़ा
दीपक अपने परिवार का सबसे छोटा और सबसे प्यारा सदस्य था। परिवार की उम्मीदें और सपने दीपक के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े हुए थे। दीपक अपनी मां से हमेशा कहता था कि वह नौकरी लगने के बाद उन्हें सोने के झूले में झुलाएगा। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था, और दीपक का यह सपना अधूरा रह गया।
 पुलिस जांच जारी
दीपक के पिता ने राजस्थान सरकार और दिल्ली पुलिस से गुहार लगाई है कि इस मामले में गहराई से जांच की जाए और सच्चाई का पता लगाया जाए। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है, लेकिन परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
 गांव में शोक की लहर
दीपक की मौत से पूरे गांव में शोक व्याप्त है। उनके UPSC प्री पास करने के बाद गांव में सभी ने उनकी सफलता का जश्न मनाया था। दीपक का भविष्य उज्ज्वल था, और वह अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। लेकिन किस्मत ने उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया।
दीपक की मौत ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या हमारे युवाओं के सपनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था है?

सर्वर डाउन की वजह से आईआईटी में दाखिले से चूका छात्र, CJI ने दिया मदद का भरोसा – Nishchay Times

Related Articles

Back to top button