उत्तर प्रदेश

साध्वी सुमन पाठक बनीं प्राचीन सरयू मंदिर की महंत, संतों ने दी मान्यता

अयोध्या। अयोध्या धाम में नागेश्वरनाथ मंदिर के निकट स्थित प्रतिष्ठित पीठ प्राचीन सरयू मंदिर की महंती साध्वी सुमन पाठक को बनाया गया। एक महंताई समारोह के दौरान साधुशाही परंपरानुसार संतों ने कंठी, चादर, तिलक देकर महंती की मान्यता प्रदान की। इस सम्मान को प्राप्त कर साध्वी सुमन पाठक अभिभूत नजर आईं।

इस मौके पर नवनियुक्त महंत साध्वी सुमन पाठक ने बताया कि मंदिर की पहले की महंत, गिरिजा देवी उर्फ इंद्रानी, की मृत्यु लगभग 10 वर्ष पूर्व हो गई थी। इसके बाद से प्राचीन सरयू मंदिर में महंती का पद खाली था। उनकी मृत्यु के बाद मंदिर का पूजा-पाठ, भोग-राग, उत्सव-समइया अपने पिता जयजय राम पाठक की निगरानी में चल रहा था। महंती के अभाव में कई कठिनाइयाँ सामने आईं। बुधवार को साकेतवासी महंत गिरिजा देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित भंडारे में संत-महंतों और संभ्रांत व्यक्तियों द्वारा सर्वसम्मति से मुझे प्राचीन सरयू मंदिर और उससे संबंधित अन्य संपत्तियों का महंत घोषित किया गया।

जयजय राम पाठक ने बताया कि रामानंदी संप्रदाय के रीति-रिवाजों के अनुसार संत-महंतों और विशिष्ट व्यक्तियों ने कंठी, चादर और तिलक देकर साध्वी सुमन पाठक को स्व. गिरिजा देवी की उत्तराधिकारी के रूप में घोषित किया। अब से साध्वी सुमन पाठक ही प्राचीन सरयू मंदिर की महंती होंगी।

समारोह के अंत में नवनियुक्त महंत साध्वी सुमन पाठक ने उपस्थित संत-महंतों एवं विशिष्टजनों का स्वागत-सत्कार किया और उन्हें भेंट देकर विदाई दी। महंती समारोह में हनुमत हरिराम सदन के महंत रामलोचन शरण, गहोई मंदिर महंत रामलखन शरण, करतलिया भजनाश्रम के महंत रामदास बालयोगी, नया मंदिर शीशमहल के महंत रामलोचन शरण, किराड़ मंदिर के महंत रामभद्र शरण, महंत छोटू शरण, महंत प्रभाकर शरण, महंत कन्हैया दास, महंत दिनेश दास, महंत शशिकांत दास, महंत रविशंकर शरण, शिवम दास, कविराज दास, प्रिंस दास, विकास शुक्ल, अमित दास, मयंक दास, अभिनंदन दास, राजेश दास, कौशल पांडेय, आशुतोष त्रिपाठी, हर्षित दास, वैदेही शरण, विपिन दास, यश दास, विभोर दास, विनय दास, महेंद्र त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button