लखनऊ

एसबीआई महिला क्लब लखनऊ मंडल का सराहनीय पहल, स्‍नेहधरा वृद्धाश्रम को दी उपयोगी सामग्री

निशक्त वृद्धजनों के लिए वाशिंग मशीन से लेकर खाद्य सामग्री तक भेंट, बेहतर जीवन की कामना


भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) महिला क्लब, लखनऊ मंडल ने सामाजिक सरोकारों की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को सृजन फाउंडेशन द्वारा संचालित स्‍नेहधरा (अम्मा-बप्पा का अपना घर) वृद्धजन सेवा केंद्र में एक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान निशक्त एवं जरूरतमंद वृद्धजनों के दैनिक जीवन को अधिक सहज और सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से अनेक आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया।

बैंक के सामुदायिक सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस पहल में एसबीआई महिला क्लब ने वृद्धाश्रम को वाशिंग मशीन, कमर्शियल जूसर, वाटर कूलर, कंप्यूटर और अलमारियों सहित कई उपयोगी उपकरण भेंट किए। इसके अलावा बुजुर्गों के रहने और आराम की बेहतर व्यवस्था के लिए बेड, बेडशीट, गद्दे, तकिए और पिलो कवर प्रदान किए गए। उनके भोजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कच्चा अनाज और अन्य खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसबीआई महिला क्लब, लखनऊ मंडल की अध्यक्ष\ ऋतुपर्णा दे ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक हमेशा समाज के कमजोर और निशक्त वर्गों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध रहा है। महिला क्लब समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि यह योगदान वृद्धजनों के समग्र कल्याण में सहायक होगा और उन्हें अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने एसबीआई महिला क्लब के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की सहायता न केवल उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि उन्हें यह एहसास भी कराती है कि समाज उनके साथ खड़ा है।

इस मौके पर एसबीआई महिला क्लब की उपाध्यक्ष रेणु राय, सचिव निवेदिता, सृजन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. अर्चना सक्सेना सहित वृद्धाश्रम के बुजुर्ग और बैंक के कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वयन श्रीमती नीतू कुमार ने किया।

एसबीआई महिला क्लब की यह पहल केवल सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरक उदाहरण है। इस तरह के प्रयास न सिर्फ जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि समाज में सहयोग और सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं।

Related Articles

Back to top button