फतेहपुर में विवादित मकबरे पर सुरक्षा कड़ी

कानपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक विवादित मकबरे को लेकर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति नामक एक हिंदू संगठन ने शनिवार को इस स्थल पर कीर्तन (भक्ति गायन) आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन की इस योजना से इलाके में पहले से मौजूद तनाव और गहराता दिख रहा है।
दरअसल, कुछ दिन पहले एक भीड़ ने इस मकबरे को हिंदू मंदिर बताते हुए तोड़फोड़ की थी। घटना के बाद से प्रशासन अलर्ट मोड में है और सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक कड़ा कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने विवादित स्थल के एक किलोमीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिसके तहत लोगों के बिना किसी वैध कारण के घरों से बाहर निकलने पर रोक है।
जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने शनिवार को खुद घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मियों, पीएसी की दो प्लाटून और एसटीएफ की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इलाके में लगातार ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
यह विवाद 7 अगस्त को उस समय उभर कर सामने आया, जब मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति ने प्रशासन को पत्र लिखकर मकबरे को “साफ़ और सुंदर” बनाने की अनुमति मांगी। पत्र में दावा किया गया कि यह संरचना वास्तव में एक मंदिर है। प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार किया, लेकिन इसके बावजूद सोमवार को बड़ी संख्या में लोग बैरिकेड्स तोड़कर परिसर में घुस गए। इस दौरान भगवा झंडे फहराए गए, धार्मिक अनुष्ठान किए गए और मकबरे को क्षति पहुँचाई गई।
बाद में प्रशासन ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई और सुरक्षा का दायरा और सख्त कर दिया। हालांकि स्थिति अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों के चलते तनाव और बढ़ गया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं और करीब 140 संदिग्धों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की गई है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सोमवार से ही प्रशासन ने घटनास्थल पर मीडिया की पहुंच भी प्रतिबंधित कर दी है, ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।


