गोरखपुर: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), गोरखपुर में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक जांच टीम जल्द ही दिल्ली से गोरखपुर आ सकती है। एम्स में भ्रष्टाचार का यह मामला दूसरी बार सार्वजनिक हुआ है। इससे पहले, सात महीने पहले जब पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर को हटाया गया था, तब भी खरीद और निर्माण में अनियमितताओं की बातें सामने आई थीं, लेकिन उन आरोपों की जांच का नतीजा आज तक सार्वजनिक नहीं हुआ।
कार्यकारी निदेशक का खुलासा
एम्स गोरखपुर के वर्तमान कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल ने भी हाल ही में इन आरोपों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था, जिससे पूरे परिसर में हलचल मच गई है। उनके बयान के बाद से हर विभाग के अधिकारी अपने बिल और बाउचर की जांच-पड़ताल में जुट गए हैं। एम्स के शीर्ष अधिकारियों ने मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन अंदर ही अंदर घबराहट महसूस की जा रही है।
दिल्ली से स्वास्थ्य मंत्रालय की जांच टीम की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच टीम गठित की है, जो जल्द ही एम्स गोरखपुर में आकर भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल करेगी। इससे पहले एम्स के भीतर करीब डेढ़ महीने पहले छह निगरानी कमेटियों का गठन किया गया था, जो ओपीडी, आईपीडी, एमएनसी बिल्डिंग, नर्सिंग कॉलेज, और हॉस्टल की निगरानी कर रही हैं।
कमेटियों की भूमिका
एम्स गोरखपुर में भ्रष्टाचार के मामलों पर निगरानी के लिए बनाई गई ये कमेटियां विभिन्न विभागों की स्थिति का आकलन कर रही हैं। हर कमेटी को अलग-अलग काम सौंपा गया है, जिसमें ओपीडी क्वालिटी सर्किल से लेकर हॉस्टल तक की जिम्मेदारियां शामिल हैं। यह कमेटियां मौके पर जाकर समस्याओं का पता लगाती हैं और उनके समाधान के लिए कदम उठाती हैं।
बढ़ती बेचैनी और जांच की मांग
भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों के बाद एम्स के अधिकारियों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि, किसी भी बड़े अधिकारी ने इस मामले पर अभी तक खुलकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। एम्स गोरखपुर में हो रही इस उठापटक के बीच, अब सभी की नजरें दिल्ली से आने वाली जांच टीम पर टिकी हैं, जो इन आरोपों की सच्चाई का पर्दाफाश कर सकती है।
एम्स गोरखपुर का यह मामला संस्थान की प्रतिष्ठा के लिए एक गंभीर चुनौती है, और अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।