सपा ने खोला खजाना, जाति-धर्म से परे अपराध पीड़ितों को आर्थिक मरहम

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) अब पीड़ितों की मदद के जरिए नई सियासी जमीन तैयार करने में जुटी है। सपा अब सिर्फ पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों (PDAs) तक सीमित नहीं रही, बल्कि अगड़े वर्ग के पीड़ितों को भी आर्थिक सहायता देकर बड़ा राजनीतिक संदेश दे रही है।
पार्टी ने बीते एक साल में करीब 31 लाख रुपये आर्थिक सहयोग के तौर पर विभिन्न घटनाओं के पीड़ितों को बांटे। डौकी स्थित कबीस चौकी में हिरासत में मारे गए युवक के परिजनों को 1 लाख, एत्मादपुर के रूपधनु में पुलिस उत्पीड़न से आत्महत्या करने वाले सिकरवार भाइयों के आश्रितों को 2 लाख, हाथरस भगदड़ में जान गंवाने वाले आगरा के 17 लोगों को 17 लाख, और वाल्मीकि समाज के युवक की पुलिस हिरासत में मौत पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। यह ही नहीं, एत्मादपुर में छत गिरने से मरे मुस्लिम बच्चे के परिवार को भी 1 लाख रुपये की मदद दी गई। सपा नेताओं का कहना है कि पार्टी जाति या धर्म नहीं देखती, सिर्फ इंसाफ के साथ खड़ी होती है।
सपा महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार और जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव हर अन्याय पर खड़े होते हैं। वहीं, महिला सभा अध्यक्ष प्रियंका चौहान ने कहा कि सपा में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है।



