उत्तर प्रदेश

राज्य भण्डारण निगम ने रचा नया कीर्तिमान, 91.90 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के साथ मजबूत हुई वित्तीय स्थिति

निश्चय टाइम्स डेस्क।

निश्चय टाइम्स डेस्क। उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम ने वित्तीय प्रबंधन, कुशल संचालन और पारदर्शी नीतियों के दम पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में सम्पन्न संचालक मण्डल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 की बैलेन्स शीट, लाभ-हानि खाते और वार्षिक रिपोर्ट को अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में निगम की निरंतर प्रगति और सुदृढ़ होती आर्थिक स्थिति पर संतोष व्यक्त किया गया।

राज्यमंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर ने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 में निगम ने 91.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष 2023-24 के 51.65 करोड़ रुपये के लाभ की तुलना में लगभग 78 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से निगम लगातार लाभ की स्थिति में है, जो सुदृढ़ नीति, प्रभावी प्रशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

बैठक में संचालक मण्डल द्वारा निगम के दोनों अंशधारियों—उत्तर प्रदेश सरकार और केन्द्रीय भण्डारण निगम—को 24 प्रतिशत की दर से लाभांश देने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत कुल 1.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय निगम की वित्तीय स्थिरता और शेयरधारकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संचालक मण्डल ने वर्ष 2025-26 के पुनःरीक्षित बजट अनुमान तथा वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान को भी मंजूरी दी। यह निर्णय भविष्य की योजनाओं, अवसंरचना विकास और सेवाओं के विस्तार के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि निगम आने वाले वर्षों में भण्डारण क्षमता बढ़ाने, गोदामों के आधुनिकीकरण और संचालन को और अधिक कुशल बनाने की दिशा में लगातार कार्य करेगा।

कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निगम में कार्यरत नियमित कार्मिकों के बीमा कवर में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। समूह ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों की बीमा धनराशि को बढ़ाकर क्रमशः 15 लाख, 14 लाख, 12 लाख और 10 लाख रुपये कर दिया गया। इस निर्णय से कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और कार्य के प्रति उनका मनोबल बढ़ेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता, संयुक्त सचिव वित्त, सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो, नियोजन विभाग, भारतीय स्टेट बैंक और केन्द्रीय भण्डारण निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के प्रतिनिधि ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की, जिससे बैठक की महत्ता और व्यापकता स्पष्ट हुई।

राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य भण्डारण निगम प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार इसे और अधिक सशक्त, आधुनिक तथा जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। निगम की यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों, उपभोक्ताओं और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के लिए सकारात्मक संकेत है।

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