उत्तर प्रदेश

सुल्तानपुर: प्रभु राम की फोटो स्टेटस पर लगाने पर छात्र की पिटाई, जबरन मंगवाई माफी; पूरा परिवार सहमा

सुल्तानपुर – यूपी के सुल्तानपुर जिले में एक 11वीं कक्षा के छात्र को सोशल मीडिया पर प्रभु राम की फोटो स्टेटस में लगाने पर उसके साथी छात्रों द्वारा पिटाई का शिकार होना पड़ा। घटना ने पूरे तिवारी परिवार को दहशत में डाल दिया है, और पीड़ित छात्र ने डर के चलते स्कूल जाना छोड़ दिया है। परिवार ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
घटना का विवरण
घटना तिवारीपुर गांव के निवासी ममता तिवारी के बेटे अंकित तिवारी के साथ हुई। अंकित ने अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर प्रभु राम की फोटो लगाई थी, जिससे कॉलेज के कुछ मुस्लिम छात्रों को आपत्ति हुई। आरोप है कि शाहिद कुरैशी और अयान अहमद नामक छात्रों ने बाहरी युवक हसनैन उर्फ लंबरदार के साथ मिलकर एमजीएस इंटर कॉलेज परिसर में अंकित की पिटाई की।
जबरन मंगवाई माफी
30 सितंबर को कॉलेज में अनस और सूजल भारती नाम के दो अन्य छात्रों ने भी अंकित को पीटा और उससे जबरदस्ती माफी मांगने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद से अंकित और उसका परिवार लगातार धमकियों का सामना कर रहा है, जिसके चलते अंकित ने कॉलेज जाना बंद कर दिया है।
पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया
पीड़ित परिवार ने 2 अक्तूबर को कोतवाली नगर में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विवेचना अधिकारी दरोगा संजय प्रसाद ने बताया कि उन्हें रविवार को ही केस की जांच सौंपी गई है, और वे इस मामले में आरोपियों से पूछताछ करेंगे।
परिवार दहशत में, सुरक्षा की गुहार
अंकित के पिता उदयराज तिवारी, जो ई-रिक्शा चालक हैं, ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के चलते उनका पूरा परिवार भयभीत है और घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन से उनकी एकमात्र मांग है कि मामला जल्द से जल्द सुलझे और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कॉलेज के प्रधानाचार्य महेश सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
इस घटना ने जिले में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति को बढ़ा दिया है, और प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

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