ऑन डिमांड होती थी विदेशी लड़कियों की सप्लाई

लखनऊ में विदेशी महिलाओं का ठिकाना बना सेक्स रैकेट का शक, दो साल से नहीं था पासपोर्ट और वीजा
लखनऊ। राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के ओमेक्स न्यू हजरतगंज स्थित फ्लैट नंबर 527 में शुक्रवार को पुलिस और एफआरआरओ (Foreigners Regional Registration Office) की संयुक्त छापेमारी में तीन विदेशी महिलाओं और कुछ पुरुषों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि यहां सेक्स रैकेट संचालित होने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी।
एफआरआरओ को मिली जानकारी के अनुसार, फ्लैट में उजबेकिस्तान की दो महिलाएं—होलिडा और नीलोफर—18 जून से रह रही थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके पास दो साल से पासपोर्ट और वीजा नहीं है। दोनों ने बताया कि वे अपनी मित्र लोला कायूमोवा के बुलावे पर भारत आई थीं, जो पहले से यहां रह रही है।
सब-इंस्पेक्टर महेश कुमार सिंह के अनुसार, फ्लैट मालिक ने न तो स्थानीय पुलिस को और न ही एफआरआरओ को सूचना दी थी। इसके चलते यह किरायेदारी नियमों का उल्लंघन भी बनता है। विदेशी महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि लोला ने ही उनकी मुलाकात डॉक्टर विवेक गुप्ता से कराई थी, जिनकी मिनर्वा क्लीनिक पत्रकारपुरम और अहिमामऊ में है। डॉक्टर ने उनका प्लास्टिक सर्जरी से संबंधित इलाज किया और उन्हें भारी रकम दी, लेकिन दस्तावेजों की कोई जांच नहीं की।
लोला के माध्यम से ही उनकी पहचान त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा से हुई, जिसने उन्हें ओमेक्स आर1 के फ्लैट में ठहराया। अब एफआरआरओ ने दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया है। त्रिजिन और डॉक्टर विवेक गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल सेक्स रैकेट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।


