लखनऊ

रोज 700–800 बुकिंग, फिर भी उपभोक्ताओं को इंतजार क्यों ?

कृत्रिम कमी पर सख्ती की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट मोड में

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी

लखनऊ में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। आपूर्ति व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी ने शहर की कई गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां अधिकारियों ने आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बताया, वहीं सवाल यह भी उठने लगे कि यदि व्यवस्था सामान्य है तो उपभोक्ताओं को समय पर गैस क्यों नहीं मिल पा रही।

जिलाधिकारी ने कानपुर रोड स्थित बीपीसीएल की ममता गैस एजेंसी का निरीक्षण किया और बुकिंग, स्टॉक तथा वितरण प्रणाली की जानकारी ली। एजेंसी संचालकों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 700 से 800 बुकिंग प्राप्त हो रही हैं और बुकिंग की वरीयता के अनुसार सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से भी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि गैस की सप्लाई चेन सामान्य है तथा किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। हालांकि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद डिलीवरी में देरी की समस्या पहले भी सामने आती रही है, जिससे लोगों को असुविधा होती है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी कंपनियों की गाइडलाइन के अनुसार लगभग 25 दिन के अंतराल पर जारी रहेगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी, अनियमितता या उपभोक्ताओं के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद प्रशासन ने शहर भर में निगरानी तेज कर दी है। अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम के पर्यवेक्षण में गठित संयुक्त टीमों ने शहर की कई गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। इनमें कपसेठिया इंडेन गैस, डोमेस्टिक इंडेन गैस, लालबाग इंडेन गैस, सहकारी गैस एजेंसी, स्मृति गैस एजेंसी, गीता गैस एजेंसी, तेलीबाग गैस एजेंसी, रुक्मणि गैस एजेंसी और किरण गैस एजेंसी शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि गैस वितरण में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

फिलहाल सवाल यही है कि क्या प्रशासन की यह सक्रियता उपभोक्ताओं को राहत दिला पाएगी, या फिर गैस आपूर्ति की समस्याएं निरीक्षणों के बाद भी जारी रहेंगी।

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