देवरिया में मंकी पॉक्स का संदिग्ध मामला, यूएई से लौटे युवक की रिपोर्ट में संक्रमण की आशंका

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मंकी पॉक्स का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। भाटपार तहसील अंतर्गत बनकटा थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव निवासी 30 वर्षीय युवक ज्ञान रतन में इस संक्रमण की आशंका जताई गई है। युवक हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लौटा था और लखनऊ एयरपोर्ट पर जांच के दौरान उसके सैंपल लिए गए थे। रिपोर्ट में मंकी पॉक्स के लक्षण पाए जाने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, ज्ञान रतन 26 अप्रैल को भारत आया था। लखनऊ एयरपोर्ट पर जब सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई, तो उसकी त्वचा पर उभरती गांठों और बुखार जैसे लक्षणों को देखते हुए उसका सैंपल लिया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सर्विलांस टीम ने मामले की जानकारी देवरिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को दी।
बाद में युवक को बाबा मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन वहां मंकी पॉक्स के इलाज की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मेडिकल टीम ने उसे आइसोलेशन में रखकर आवश्यक जांच शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव के अन्य लोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संक्रमण की स्थिति में समय रहते कदम उठाया जा सके।
भारत में मंकी पॉक्स की स्थिति:
देश में अब तक मंकी पॉक्स के 30 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि मार्च 2024 के बाद कोई नया पुष्ट मामला सामने नहीं आया था, लेकिन देवरिया का यह संभावित केस स्वास्थ्य व्यवस्था की सतर्कता की परीक्षा ले सकता है।
क्या है मंकी पॉक्स?
मंकी पॉक्स एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से त्वचा पर फफोले, बुखार, सिरदर्द, थकावट और लिम्फ नोड्स की सूजन के रूप में सामने आता है। यह संपर्क के माध्यम से फैल सकता है, इसलिए संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट करना अनिवार्य होता है।


