17 से 28 फरवरी तक “स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता–2026”
स्वच्छ भारत मिशन–नगरीय के तहत प्रदेश भर में चलेगा विशेष अभियान

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में 17 से 28 फरवरी 2026 के बीच Swachh Bharat Mission – नगरीय के अंतर्गत “स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता–2026” का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शहरों में स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना और आगामी Swachh Survekshan–2026 की तैयारियों को सुदृढ़ करना है।

नागरिक सहभागिता बनेगी सफलता की कुंजी
प्रतियोगिता का मूल सिद्धांत नागरिकों, वार्ड समितियों, स्कूल–कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से अपने-अपने वार्ड का 12 अलग-अलग पैरामीटर पर मूल्यांकन करना है। “स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति” इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी और विभिन्न श्रेणियों में अंक निर्धारण व पर्यवेक्षण करेगी।
12 पैरामीटर पर होगा मूल्यांकन
प्रतियोगिता के तहत वार्डों का आकलन निम्न बिंदुओं पर किया जाएगा:
- स्रोत पर कचरा पृथक्करण (30 अंक) – गीले, सूखे व घरेलू खतरनाक कचरे का अलगाव और डोर-टू-डोर कलेक्शन।
- डोर-टू-डोर कलेक्शन (20 अंक) – नियमित संग्रहण और जन-जागरूकता संदेश।
- कम्यूनिटी/होम कम्पोस्टिंग (10 अंक) – स्थानीय स्तर पर जैविक कचरे का प्रबंधन।
- सिंगल-यूज प्लास्टिक निषेध (10 अंक) – प्रतिबंध और जागरूकता अभियान।
- क्लीन टॉयलेट (10 अंक) – सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की स्वच्छता और ‘माय टॉयलेट’ ऐप पर अपलोडिंग।
- जीवीपी/ब्लैक स्पॉट ट्रांसफॉर्मेशन (10 अंक) – गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स का रूपांतरण।
- जीरो-वेस्ट इवेंट्स (10 अंक) – प्रति माह कम से कम एक स्वच्छ आयोजन।
- नाला-नाली सफाई (10 अंक) – नियमित सफाई व्यवस्था।
- आईईसी अभियान (10 अंक) – रेड स्पॉट, येलो स्पॉट व अन्य जागरूकता कार्यक्रम।
- बैक-लेन सफाई (10 अंक) – नियमित सफाई व सौंदर्यीकरण।
- शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता (10 अंक) – स्वच्छ सारथी क्लब के माध्यम से अभियान।
- समिति की सहभागिता (10 अंक) – वार्ड स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां।
उत्कृष्ट वार्ड होंगे सम्मानित
प्रतियोगिता समाप्ति के बाद सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले वार्ड को संबंधित निकाय द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही ब्लैक स्पॉट ट्रांसफॉर्मेशन और जीवीपी सुधार को भी विशेष रूप से आंका जाएगा।
यह पहल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि स्थायी व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।



