चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती, औद्योगिक अपशिष्ट से तैयार होंगी टिकाऊ निर्माण सामग्री
📰 निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी.एफ. हिंदी

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने सतत औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Carbon Craft Design Private Limited के साथ वित्तीय सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग पर्यावरण के अनुकूल, अल्ट्रा-लो कार्बन वॉल क्लैडिंग सामग्री के व्यावसायीकरण के लिए किया गया है।
“पर्यावरण के अनुकूल अल्ट्रा लो कार्बन फुटप्रिंट वॉल क्लैडिंग का व्यावसायीकरण” परियोजना के तहत स्वदेशी जियोपॉलिमर-आधारित टाइलों के निर्माण हेतु अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी। यह तकनीक निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के पुनः उपयोग पर आधारित है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
कार्बन क्राफ्ट एक डिज़ाइन और सामग्री नवाचार स्टार्टअप है, जो औद्योगिक उप-उत्पादों और पुनर्चक्रित क्वार्ट्ज अपशिष्ट को टाइल, एग्रीगेट और ईंट जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने की स्वामित्व तकनीक विकसित कर चुका है। विशेष बात यह है कि इन टाइलों के निर्माण में ऊर्जा-गहन भट्टियों में पकाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे ऊर्जा की बचत और उत्सर्जन में कमी संभव होगी।
टीडीबी के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि भारत के जलवायु लक्ष्यों और नेट-ज़ीरो महत्वाकांक्षाओं को हासिल करने के लिए स्थायी निर्माण सामग्री को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की स्वदेशी तकनीकों का व्यावसायीकरण हरित विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा और अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देगा।
कंपनी के संस्थापकों ने टीडीबी के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि इस सहायता से उत्पादन क्षमता में विस्तार और बाजार पहुंच में तेजी आएगी। यह पहल न केवल आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देगी, बल्कि औद्योगिक कचरे को कम कर देशभर में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार निर्माण पद्धतियों को भी प्रोत्साहित करेगी।
यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और चक्रीय अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों के अनुरूप भारत के सतत विकास एजेंडे को नई गति देने वाली मानी जा रही है।


