तेजस्वी का बयान
पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार में कोई सरकार है ही नहीं। जो सरकार है उसे होश ही नहीं है। मुख्यमंत्री निर्णय लेने लायक नहीं रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चंद रिटायर्ड अधिकारी और कुछ नेताओं के समूह बिहार की नीतियां बना रहे हैं। इनमें से अधिकांश का संबंध दिल्ली से है, जो केवल अपने फायदे की बात करते हैं। बिहार से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।”
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यात्रा पर हैं, लेकिन कोई संवाद नहीं कर रहे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्र भेजा था, लेकिन इसका जवाब भी संजय झा दे रहे हैं।
बिहार में प्रशासनिक अराजकता
तेजस्वी यादव ने बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन पर भी टिप्पणी की और कहा कि यदि पेपर लीक हुआ है, तो परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक केंद्र की परीक्षा रद्द हो सकती है, तो अन्य केंद्रों की परीक्षा क्यों नहीं रद्द होनी चाहिए। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में प्रशासनिक अराजकता व्याप्त है और युवा अपने अधिकारों से वंचित हैं।
तेजस्वी यादव ने बिहार की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कोई प्रभावी शासन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बिहार को सही दिशा में लाने के लिए जिम्मेदार निर्णय लेने की जरूरत है।