अयोध्याउत्तर प्रदेश

अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण कार्य पूर्ण

 तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी राम भक्तों को दी बधाई

अयोध्या: सदियों के लंबे संघर्ष और विवाद के बाद, जब सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया, तब से ही अयोध्या में इतिहास रचने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। उसी निर्णय के अनुरूप श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया था, जिसने इस दिव्य कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया था। अब ट्रस्ट ने घोषणा की है कि श्रीराम मंदिर का पूरा निर्माण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।

ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह ऐतिहासिक जानकारी साझा करते हुए सभी राम भक्तों को हार्दिक बधाई दी। ट्रस्ट ने कहा, “हमें यह सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का सम्पूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।” मुख्य मंदिर के साथ-साथ छह सहायक मंदिरों — भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा और शेषावतार मंदिर — का भी निर्माण पूरा कर लिया गया है। इन सभी मंदिरों पर ध्वजदंड और कलश विधिवत रूप से स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा सप्त मंडपों का निर्माण भी संपन्न हुआ है, जिनमें महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और ऋषि पत्नी अहिल्या के मंदिर शामिल हैं। संत तुलसीदास जी का मंदिर भी बनकर तैयार है। साथ ही जटायु और गिलहरी की मूर्तियाँ स्थापित कर दी गई हैं, जो श्रीराम कथा के प्रतीक हैं और भक्ति की भावना को और गहराई प्रदान करती हैं।

दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में सड़कें, प्रकाश व्यवस्था, और यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। ट्रस्ट ने बताया कि एलएंडटी कंपनी द्वारा नक्शे के अनुसार सड़क निर्माण कार्य जारी है, जबकि जीएमआर कंपनी 10 एकड़ में पंचवटी क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, हरियाली और भूनिर्माण कार्य कर रही है। वर्तमान में केवल कुछ कार्य शेष हैं जो जनता से संबंधित नहीं हैं, जैसे चारदीवारी, अतिथि गृह, ट्रस्ट कार्यालय और सभागार का निर्माण। अयोध्या नगरी अब एक भव्य, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के रूप में उभर रही है, जहाँ श्रीराम मंदिर न केवल श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि भारत की आस्था, धैर्य और एकता का भी प्रतीक बन चुका है।

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