कुशीनगर को मिला पासपोर्ट सेवा केंद्र, अब नहीं जाना पड़ेगा गोरखपुर

देश का 450वां डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र कुशीनगर में शुरू, लोगों को मिली बड़ी राहत
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) – विदेश मंत्रालय ने आम नागरिकों को पासपोर्ट सेवा देने की प्रक्रिया को और आसान बनाते हुए कुशीनगर जिले को डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) की सौगात दी है। यह देश का 450वां पासपोर्ट सेवा केंद्र है, जिसका शुभारंभ विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बुधवार को किया।
इस सेवा केंद्र की शुरुआत के बाद अब कुशीनगर और आस-पास के जिलों के लोगों को पासपोर्ट बनवाने या दस्तावेज सत्यापन के लिए गोरखपुर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और पैसों की बचत के साथ-साथ लोगों को सुविधा उनके अपने जिले में ही मिल सकेगी।
पीओपीएसके के उद्घाटन समारोह में मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि यह केंद्र न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा की पहुंच को बढ़ाएगा, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सुलभ शासन” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा प्रशासनिक सेवाएं लोगों की चौखट तक पहुंचे।
पासपोर्ट सेवाएं और तकनीकी सुविधा:
इस सेवा के साथ ही विदेश मंत्रालय ने एम-पासपोर्ट सेवा ऐप और डिजिलॉकर जैसी तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं, जिनकी मदद से दस्तावेज अपलोड और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया अब तेज और पारदर्शी हो गई है। लोग अपने मोबाइल से ही आवेदन कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज डिजिलॉकर से सीधे लिंक हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि यह सुविधा जिले के हजारों युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।


