चाइल्ड लाइन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर आशीष मिश्रा ने विधिक प्रक्रिया अपनाने के बाद नाबालिग लड़कियों और लड़के को उनके परिजनों को सौंप दिया था. आरपीएफ की टीम इसकी जांच में जुटी हुई थी. जांच के दौरान मानव तस्करी से जुड़ा मामला पाया गया है. ऐसे में ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने गोंडा आरपीएफ पोस्ट पर मानव तस्करी की धारा 143 (5) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है और कंपनी के कामकाज की जांच में जुटी हुई है.